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Islam House
हज्ज का संक्षिप्त विवरण
हज्ज का संक्षिप्त विवरण : हज्ज एक महान वैश्विक अवसर है, जिसमें दुनिया के कोने-कोने से आकर मुसलमान अल्लाह के पवित्र घर मक्का मकर्रमा में एकत्रित होते हैं ; ताकि उस महान कर्तव्य को पूरा करें जो जीवन में केवल एक बार अनिवार्य है। प्रस्तुत व्याख्यान में हज्ज की अनिवार्यता, उसकी फज़ीलत, इस यात्रा के लिए हलाल धन की आपूर्ति, तथा इसे खालिस अल्लाह के लिए और उसके पैगंबर के बताए हुए तरीक़े के अनुसार अदा करने का उल्लेख है। इसी हज्ज के निर्धारित स्थानों (मीक़ात), एहराम बांधने के समय ऐच्छिक चीज़ों, एहराम की अवस्था में वर्जित और निषिद्ध चीज़ों और संक्षेप के साथ उम्रा और हज्ज की विधि का उल्लेख किया गया है।
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हज्ज और उम्रा के फज़ायल
हज्ज और उम्रा के फज़ायल : प्रस्तुत व्याख्यान में हज्ज की अनिवार्यता, इस्लाम धर्म में उसके महत्व का उल्लेख करते हुए, दिव्य क़ुरआन और हदीस में हज्ज और उम्रा तथा उनके विभिन्न कार्यों के गुणविशेषण व प्रतिष्ठा का वर्णन किया गया है।
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हज की फरजियत
हज की फरजियत
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हज की फजीलत
हज की फजीलत
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हज पे जाने से पहले के आदाब
हज पे जाने से पहले के आदाब
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हज के शुरूत
हज के शुरूत
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एहराम बॅाधने के बाद सही काम
एहराम बॅाधने के बाद सही काम
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एहराम के बाद ना करने वाली चीजै
एहराम के बाद ना करने वाली चीजै
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उमरा के अरकान एव॓ वाजबात
उमरा के अरकान एव॓ वाजबात
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उमरा का तरीका
उमरा का तरीका
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अरफा का िदन
अरफा का िदन
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मोजदलीफा मे रात रहना
मोजदलीफा मे रात रहना
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10 िज़ल िहजजा के काम
10 िज़ल िहजजा के काम
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एवं 13 की रात मेना में रहना
एवं 13 की रात मेना में रहना
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तवाफे वदा
तवाफे वदा
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Group of Scholars
अनमोल पैग़ाम हाजीयों के नाम
इस किताब में है : • वह जगहें जिनकी इबादत के तौर पर ज़ियारत करना अस्लन मशरूञ् ( मूलतः शरीअत सम्मत ) ही नहीं है • वह जगहें जिनकी इबादत के तौर पर जियारत करना उमुमन मशरूभू ( साधारणतः शरीअत सम्मत ) है . सबआ मसाजिद ( सात मस्जिदों ) की हकीकृत ।
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हज्ज , उम्रह व मस्जिदे नबवी की ज़ियारत संबंधी गाइड
इस किताब में है : • इस्लाम से ख़ारिज करने वाली बातें • उम्रह का तरीका • हज्ज का विवरण • मस्जिदे नबवी की ज़ियारत • ग़लतियाँ जिनका इर्तिकाब बाज़ हाजी करते हैं • दुआएं ।
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हज्ज के भेद और उसके मकासेद
इस किताब में है : • इतमामे हज्ज ( हज्ज को पुरा करना ) • हज्ज के भेद और मकासेद में सेः सिर्फ अल्लाह के लिए महब्बत , अज़मत , उम्मीद , खैफ , तवक्कुल , इनाबत और ख़ाकसारी साबित करना है • मक्का मुकर्रमा एक बे आब व गियाह वादी ( बंजर और अनावाद भूमी ) में क्यों वाके है ? "